ब्रेकिंग उत्तराखंड : कोरोना के बाद ब्लैक फंगस को लेकर बढ़ी चिंता, एक मरीज की मौत, 16 का एम्स में इलाज जारी, दो मरीज उधमसिंह नगर के

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देहरादून। एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से पहली मौत हो गई है। यही नहीं एम्स में ब्लैक फंगस के उत्तराखंड के 12 और यूपी के पांच मरीजों का इलाज चल हरा है। ये सभी कोरोना से भी संक्रमित हैं। सबसे अधिक पांच संक्रमित हरिद्वार जिले के रहने वाले हैं। एम्स के चिकित्सकों ने इनमें से 11 संक्रमितों की आंखों की सर्जरी भी कर दी है।
मिली जनकारी के अनुसार एम्स में ब्लैक फंगस से मृतक युवक कोरोना से पीड़ित था। उसे कुछ दिनों पहले देहरादून से रेफर होने बाद उसे एम्स में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान युवक में ब्लैक फंगस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। देहरादून निवासी 36 वर्षीय युवक की ब्लैक फंगस से शुक्रवार दोपहर को ही मौत हो गई। लेकिन इसकी जानकारी रविवार को सामने आई। इस दौरान ब्लैक फंगस के संदिग्ध लक्षणों के चलते कई अन्य मरीजों की जांच भी की गई। अमर उजाला.काम के मुताबिक जिसके बाद 16 और मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित पाए गए। इनमें 12 मरीज उत्तराखंड के हैं, जिनमें हरिद्वार के चार, देहरादून के चार, काशीपुर का एक, सितारगंज का एक और अल्मोड़ा का एक मरीज शामिल है।
वहीं अन्य पांच संक्रमित उत्तर प्रदेश के शामली, अलीगढ़, बिजनौर, मेरठ और शिवनगर के रहने वाले हैं। इनमें से 10 मरीज 50 से 81 आयुवर्ग के हैं। वहीं छह संक्रमित 35 से 49 आयुवर्ग के हैं। एम्स प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 लोगों की सर्जरी कर दी है। सर्जरी के बाद सभी मरीजों का स्वास्थ्य समान्य बताया जा रहा है। इसके साथ एम्स प्रशासन ने कोविड संक्रमितों में ब्लैक फंगस की जांच के लिए एक 15 सदस्यीय विशेषज्ञों की कमेटी का गठन भी किया है।एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत के अनुसार ब्लैक फंगस से संक्रमित एक 36 वर्षीय युवक की मौत हुई है। इसके अलावा 16 और लोगों में ब्लैक फंगस का संक्रमण मिला है। इनमें से 11 लोगों की सर्जरी कर दी गई है। अस्पताल में भर्ती कोविड संक्रमितों की जांच के लिए विशेषज्ञों की 15 सदस्यीय समिति गठित की गई है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. राजे सिंह ने बताया कि काले फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) की जांच के लिए मरीज की छाती और सिर का सीटी स्कैन किया जाता है। जैसा संक्रमण का नाम है वैसे ही सीटी स्कैन में छाती या सिर में कालापन नजर आता है। अधिकांश डायबटीज, किडनी, हाई शुगर लेवल के मरीजों के संक्रमण की जद में आने की संभावना अधिक रहती है। इस बीमारी में कई मरीजों के आंखों की रोशनी चली जाती है। कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है। अगर समय रहते संक्रमण पर नियंत्रण न पाया गया तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।

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संक्रमण के लक्षण
आंखें और नाक लाल होना, बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, खून की उल्टी, मानसिक स्थिति में बदलाव।

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कैसे रहें संक्रमण से सुरक्षित

  • ब्लड शुगर लेवल जांचने के साथ कंट्रोल में रखें,।
  • जरूरत पड़ने पर स्टेरॉयडस ध्यान से लें।
  • ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान स्वच्छ पानी का प्रयोग करें।
  • एंटीबायोटिक्स और एंटीफंगल दवाइयों का सावधानी से प्रयोग करें।
  • जब भी बाहर जाएं, मास्क जरूर पहनें।
  • गार्डन में काम करते समय जूते दस्ताने जरूर पहनें।
  • संदिग्ध लक्षण होने दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें ।
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