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    दिल्ली के तीन अस्पतालों में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाया जाएगा : केजरीवाल

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    नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए दिल्ली के तीन अस्पतालों एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी में डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाए जाएंगे और इससे बचाव को लेकर जनता को जागरूक किया जाएगा।

    केजरीवाल ने ब्लैक फंगस बीमारी के बढ़ते प्रभाव की रोकथाम को लेकर गुरुवार को कैंप कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान ब्लैक फंगस की रोकथाम और मरीजों के इलाज के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए दिल्ली के तीन अस्पतालों एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी में डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। ब्लैक फंगस से बचाव को लेकर दिल्ली की जनता को जागरूक किया जाएगा। देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली में अधिक संख्या में मरीज आ सकते हैं।

    स्वास्थ्य विभाग ने अवगत कराया कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का इंतजाम किया जा रहा है। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कई वरिष्ठ डॉक्टर भी मौजूद रहे।

    बैठक में विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया कि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजों के इलाज के लिए अलग से डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाया जाएगा। केजरीवाल ने एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी अस्पताल में यह डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाने के निर्देश दिए। तीनों अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर्स की एक-एक टीम बनाने के निर्देश भी दिए। इस टीम में ईएनटी समेत अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे। यह टीम अपने सेंटर पर ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज पर निगरानी रखेगी।

    वहीं, दिल्ली सरकार ब्लैक फंगस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेगी और लोगों को बताया जाएगा कि ब्लैक फंगस से कैसे बचा सकता है। इस बीमारी से बचाव के जितने भी उपाय हैं, उसके बारे में लोगों को बताया जाएगा, ताकि जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उन लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सकें। डॉक्टर्स ने ऐसे मरीजों को सुझाव दिया कि ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बगैर डॉक्टर की सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए।

    देश की राष्ट्रीय राजधानी होने की वजह से दिल्ली में ब्लैक फंगस का इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक हो सकती है। इसके मद्देनजर निर्णय लिया गया कि इस बीमारी से संबंधित दवाओं का पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जाए। केंद्र सरकार से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए दवाइयों का जो कोटा दिल्ली का है, उसे भी जल्द से जल्द प्राप्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजों को समय से बेहतर इलाज दिया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाओं के इंतजाम की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

    India : Covid update
    43,407,046
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    Updated on June 27, 2022 4:01 pm
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    केजरीवाल ने ब्लैक फंगस बीमारी के बढ़ते प्रभाव की रोकथाम को लेकर गुरुवार को कैंप कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान ब्लैक फंगस की रोकथाम और मरीजों के इलाज के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए दिल्ली के तीन अस्पतालों एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी में डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। ब्लैक फंगस से बचाव को लेकर दिल्ली की जनता को जागरूक किया जाएगा। देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली में अधिक संख्या में मरीज आ सकते हैं।

    स्वास्थ्य विभाग ने अवगत कराया कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का इंतजाम किया जा रहा है। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कई वरिष्ठ डॉक्टर भी मौजूद रहे।

    बैठक में विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया कि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजों के इलाज के लिए अलग से डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाया जाएगा। केजरीवाल ने एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी अस्पताल में यह डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाने के निर्देश दिए। तीनों अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर्स की एक-एक टीम बनाने के निर्देश भी दिए। इस टीम में ईएनटी समेत अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे। यह टीम अपने सेंटर पर ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज पर निगरानी रखेगी।

    वहीं, दिल्ली सरकार ब्लैक फंगस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेगी और लोगों को बताया जाएगा कि ब्लैक फंगस से कैसे बचा सकता है। इस बीमारी से बचाव के जितने भी उपाय हैं, उसके बारे में लोगों को बताया जाएगा, ताकि जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उन लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सकें। डॉक्टर्स ने ऐसे मरीजों को सुझाव दिया कि ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बगैर डॉक्टर की सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए।

    देश की राष्ट्रीय राजधानी होने की वजह से दिल्ली में ब्लैक फंगस का इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक हो सकती है। इसके मद्देनजर निर्णय लिया गया कि इस बीमारी से संबंधित दवाओं का पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जाए। केंद्र सरकार से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए दवाइयों का जो कोटा दिल्ली का है, उसे भी जल्द से जल्द प्राप्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजों को समय से बेहतर इलाज दिया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाओं के इंतजाम की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

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