22 मई 2022का पंचांग, सुनें भगवान शनि को प्रसन्न करने वाले भजन

0
Ad

दिनांक 22 मई सन् 2021 शनिवार को एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी तथा द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं। शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पढ़ने और गायत्री मंत्र का जाप करने से भय नहीं लगता है और समस्त बिगड़े काम बनने लगते है। आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से अदरक खाकर जाएं। एकादशी तिथि में चावल एवं सेम नहीं खाना चाहिए यह तिथि उपवास, धार्मिक कृत्य उद्यापन तथा कथा एकादशी में शुभ है।

Ad

सुनिए शनिदेव को प्रसन्न करने वाले कुछ भजन

यह भी पढ़ें 👉  सुप्रभात… आज का पंचांग, आज का इतिहास, आज होगी यह परीक्षा और आचार्य पंकज पैन्यूली से जानें अपना आज का राशिफल

सूर्योदयः- प्रातः 05:27:04, सूर्यास्तः- सायं 06:47:16, विक्रम संवतः- 2078,शक संवतः- 1943
आयनः- उत्तरायण, ऋतुः- ग्रीष्म ऋतु, मासः- वैशाख माह, पक्षः- शुक्ल पक्ष, तिथिः- एकादशी तिथि 06:45:00 तक तदोपरान्त द्वादशी तिथि, तिथि स्वामीः- एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी तथा द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं । नक्षत्रः- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 02:06:08 तक तदोपरान्त हस्त नक्षत्र, नक्षत्र स्वामीः- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं तथा हस्त नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं।

यह भी पढ़ें 👉  सुप्रभात…आज का पंचांग, आज का इतिहास, मां शैलपुत्री की महिमा सुनें और आचार्य पंकज पैन्यूली से जानें आज का राशिफल

शनिदेव के ये भजन भी जीवन बना देंगे

योगः- वज्र 06:17:00 तक तदोपरान्त सिद्धि, गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 05:26:00 से 07:09:00 तक। दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से अदरक खाकर जाएं। राहुकालः- आज का राहु काल 08:52:00 से 10:35:00 तक तिथि का महत्वः- एकादशी तिथि में चावल एवं सेम नहीं खाना चाहिए यह तिथि उपवास, धार्मिक कृत्य उद्यापन तथा कथा एकादशी में शुभ है।

Ad

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here