सोलन न्यूज: प्रदेश सरकार आर्थिक डायलिसिस पर केंद्र ने मनरेगा में किया 85% महिलाओं को सशक्त। भाजपा प्रवक्ता: विवेक शर्मा।

सोलन। विवेक शर्मा प्रवक्ता भाजपा ने प्रदेश सरकार द्वारा डायलिसिस पर तीन माह की अवधि पर सवाल खड़ा करते कहा। आर्थिक डायलिसिस पर चल रही मित्रों की सरकार ने पूर्व की जय राम सरकार द्वारा जनता को समर्पित हिम केयर योजना के तहत 1 सितंबर से 30 नवंबर तक हिम केयर कार्ड योजना के अंतर्गत डायलिसिस करवाने की अनुमति प्रदान की है। मानसिक बीमारी से ग्रसित सरकार बीमारियों में भी गंभीरता और आरक्षण की पात्रता ढूंढ रही है।


सेवानिवृत अधिकारियों की तर्ज पर डायलिसिस प्रक्रिया को हिम केयर योजना में तीन माह की एक्सटेंशन दी गई है।
सरकारों द्वारा योजनाएं राजनीतिक लाभ और हानि के गणित पर नहीं चलती बल्कि आमजन के उत्थान उनकी बेहतर जीवन शैली को समर्पित होनी चाहिए। सरकारें आएगी, सरकारें जाएगी यह सिद्ध किया है केंद्र की एन.डी.ए सरकार ने। गत ग्रामीण विकास मंत्रालय की सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार पूर्व की डॉ. मनमोहन सिंह की यू.पी.ए सरकार ने मनरेगा योजना प्रारंभ की थी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आज हिमाचल प्रदेश सहित देश के 28 राज्यों में से 27 राज्यों में एन.डी.ए सरकार के अथक प्रयासों से महिलाएं सशक्तिकरण पर मनरेगा जैसी बीमार योजना में भी महिलाओं की भागीदारी 40% से बढ़कर 85% हो गई है। लेकिन योजनाए बंद नहीं हुई है बल्कि योजनाओं की त्रुटियों को लगातार बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सोलन का वार्ड नंबर पांच, सबसे छोटा और सबसे बदहाल

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जनता के प्रति साफ नियत और पूर्व ग्रहों से ग्रसित ना होने की बीमारी एक स्वच्छ प्रशासन को जन्म देती है, 85% महिलाओं की भागीदारी उसी का ही प्रमाण पत्र है। जब के प्रदेश की सरकार आश्वासन, नोटिफिकेशंस और भाषणों तक सीमित होकर रह गई है। सरकारे प्रदेश की जनता का दुख दर्द सांझा करने के लिए चुनी जाती हैं। आर्थिक तंगी का रोना प्रदेश के कर्मचारियों को उनकी देनदारी को लेकर, विकासात्मक योजना को लेकर, आम जनता को बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नाम पर यहां तक के गंभीर बीमारियों से ग्रसित प्रदेशवासियों को हिम केयर योजना को बंद करके इस प्रकार सुनाया जा रहा है जैसे स्वयं प्रदेश सरकार के मुखिया उनकी कैबिनेट , डायलिसिस पर हो लेकिन सत्ता का मोह नहीं छोड़ पा रही है।
उधर लंबी कतारों में खड़े असहाय जिंदगी और मौत से लड़ते प्रदेशवासियों की लड़ाई मे जब इलाज भी मजबूरी बनेगा तो उनके मुंह से निकली बदुआ सरकार को कितनी लंबी उम्र देगी यह कौन जानता है।।

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